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September 25, 2022
Choutha Stambha
Politics( राजनीति)

बाहरी बनाम मूल निवासी की लड़ाई में आसनसोल साउथ में किसकी होगी जीत

Poonam Masih

लंबे समय से आसनसोल की हॉट सीट आसनसोल साउथ के  बीजेपी प्रत्याशी के नाम का इंतजार कर रही जनता के इंताजार की घड़ी अब खत्म हो गई है।  बीजेपी प्रदेश महिला मोर्चा की अध्यक्ष अग्निमित्रा पाल को यहां से मैदान में उतारा गया है। आसनसोल साउथ सीट से  बीजेपी और तृणमूल दोनों की ही महिला प्रत्याशी आमने-सामने हैं। अब देखना है कि इस सीट पर कौन सी महिला जीत हासिल कर सकती है।

मुख्यमंत्री पर निशाना साध चुकी है अग्निमित्रा

बीजेपी की प्रत्याशी अग्निमित्रा पाल पेशे से एक फैशन डिजाइनर हैं। उन्होंने बॉलीवुड के कई नामचीन चेहरों के लिए कपड़े डिजाइन किए हैं। लेकिन पिछले साल से वह राजनीति में पूरी तरह से एक्टिव है। वह अक्सर अपने भाषणों में मुख्यमंत्री ममता मुखर्जी पर निशाना साधती हुई नजर आती हैं। मूल रुप से आसनसोल निवासी अग्निमित्रा ने इस सीट के लिए बाहरी बनाम मूल निवासी की बहस को जन्म दे दिया है। इससे पहले प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष आसनसोल में रहते हुए जनता से मिलना जुलना करती रहती थी। इसी कारण उन्होंने आसनसोल साउथ से नांमकन भी भरा था।

सायोनी घोष को लेकर लोगों में नराजगी

तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने जैसे ही आसनसोल साउथ से सायोनी घोष के नाम का ऐलान किया था। वैसे ही यहां की जनता का गुस्सा सोशल मीडिया पर देखने को मिल।तृणमूल के कार्यकर्ता भी अलग-अलग वर्गों में विभाजित होकर अपने- अपने नेता के लिए सायोनी के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। इन कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने बर्नपुर क्षेत्र की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया। दरअसल तृणमूल समर्थकों का एक वर्ग चाहता था कि मौजूदा विधायक तापस बनर्जी को ही टिकट दी जानी चाहिए थी जबकि दूसरा वर्ग,तृणमूल माध्यमिक शिक्षक समिति के प्रदेश अध्यक्ष अशोक रूद्र के लिए। लेकिन ऐसा हुआ नहीं, जिसका सीधा असर अब सायोनी की चुनाव प्रचार पर देखने के मिल रहा है। वह जहां भी जा रही है उनका बॉयकॉट किया जा रहा है। बुधवार को सायोनी जब रानीगंज गई तो ‘गो बैक”  के नारे लगे। जिसका सीधा असर चुनाव में भी दिखने को मिल सकता है।

बाहरी बनाम मूल निवासी की लड़ाई में किसकी होगी जीत

बीजेपी प्रत्याशी के नाम के ऐलान से  पहले ही क्षेत्र की जनता ने तृणमूल की प्रत्याशी का बाहरी कहकर बहिष्कार किया था। इस बहिष्कार में सिर्फ जनता ही नहीं ब्लकि तृणमूल के कार्यकर्ता भी शामिल थे। कार्यकर्ताओं के बीच इसको लेकर नाराजगी है वहीं दूसरी ओर तृणमूल सुप्रीमो इसे ‘यंग फेस’ कहकर संबोधित कर रही है। इस बीच बीजेपी ने एक बड़ा गेम खेलते हुए इस सीट से आसनसोल निवासी को प्रत्याशी बनाया। ताकि पहले से शुरु हो चुकी बाहरी की लड़ाई का फायदा उसे मिल सके। आपको बता दें साल 2016 में हुए विधानसभा चुनाव में मौजूदा विधायक तापस बनर्जी ने 71515 वोटों के साथ जीत हासिल की थी। वहीं दूसरी ओर भाजपा के प्रत्याशी रहे कर्नल दीप्तान्शु चौधरी को 49199 वोट मिल थे और वह तीसरे नंबर पर रहे थे। दोनों प्रत्याशियों बीच 27 प्रतिशत वोट  का अंतर है। अब देखना यह  है कि भाजपा बाहरी बनाम मूल निवासी की लड़ाई में इस गैप को पूरा कर पाएगी की नहीं।

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